Saturday, January 9, 2016

All You Need to Know About Chyawanprash

All You Need to Know About Chyawanprash

Chyawanprash has been an important part of our Indian household for many years. But how much do you really know about Chyawanprash? Read more to check your knowledge!

What is Chyawanprash?

Chyawanprash is an ayurvedic health supplement with a powerful combination of over 40 herbs and plant extracts in a base of amla.

What are its health benefits?

Chyawanprash boosts immunity, detoxifies the body, delays aging, prevents cough and cold, improves concentration and has antioxidant properties.

How much should you take and when?

The best time to have it is in the morning and on an empty stomach. However you may have it anytime in the day. For adults, the recommended dose is 1-2 teaspoons; 1-2 times daily and for children, ½ teaspoon with milk or warm water once a day.

How to choose the right Chyawanprash?

There are many types of Chyawanprash available in the market. You could choose the one that is best per your health needs. The most common variants are:

1 . Chyawanprash with Kesar: for cough, low weight, weakness

2 . Chyawanprash without Sugar: for diabetic patients

3 . Chyawanprash with Silver & Gold: for improving immunity and sexual performance

Are there any side effects?

Chyawanprash is a safe health supplement with minimal side effects. In some people it may cause indigestion, acidity and loose stools.

Does Chyawanprash lead to weight gain?

No, Chyawanprash doesn’t lead to weight gain. In fact, it helps in regulating weight. If you are underweight, it will help you gain weight and if overweight, it will help you lose weight and strengthen your bones.

Does it cause pimples?

Chyawanprash doesn’t cause pimples. It contains amla which is one of the best source of Vitamin C. Vitamin C prevents clogging of skin pores thus reducing pimple formation.

How to know if it’s pure?

Some unlicensed manufacturers add lauki (Bottle Gourd) and Sitaphal (custard apple) while preparing Chyawanprash to increase its quantity and reduce the cost of manufacturing. Use the Water Check to check for this adulteration. Add a spoonful of Chyawanprash in a glass of water. If it is pure, it will sink immediately and the particles will not float on top

आयुर्वेदिक दोहे


 ∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥ ۞
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१Ⓜदही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय..
२Ⓜबहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल..
३Ⓜअजवाइन को पीसिये , गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय..
४Ⓜअजवाइन को पीस लें , नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय..
५Ⓜअजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम..
६Ⓜठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल..
७Ⓜअदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग..
८Ⓜरोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर..
९Ⓜगाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम..
१०Ⓜशहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम..
११Ⓜचिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय..
१२Ⓜयलाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह..
१३Ⓜप्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह,
जामुन-गुठली पीसिये, नहीं रहे मधुमेह..
१४Ⓜसात पत्र लें नीम के, खाली पेट चबाय, दूर करे मधुमेह को, सब कुछ मन को भाय..
१५Ⓜसात फूल ले लीजिए, सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को, जीवन में हो प्यार..
१६Ⓜतुलसीदल दस लीजिए, उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी, तन-मन मालामाल..
१७Ⓜथोड़ा सा गुड़ लीजिए, दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए, चाहे मोहनभोग.
१८Ⓜअजवाइन और हींग लें, लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें, दर्द दूर हो जाय..
१९Ⓜऐलोवेरा-आँवला, करे खून में वृद्धि,
उदर व्याधियाँ दूर हों,जीवन में हो सिद्धि..
२०Ⓜदस्त अगर आने लगें, चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर, लें पानी के साथ..Akkii..
२१Ⓜमुँह में बदबू हो अगर, दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक, दूर होय तत्काल..
२२Ⓜकंचन काया को कभी, पित्त अगर दे कष्ट,
घृतकुमारि संग आँवला, करे उसे भी नष्ट..
२३Ⓜबीस मिली रस आँवला, पांच ग्राम मधु संग,
सुबह शाम में चाटिये, बढ़े ज्योति सब दंग..
२४Ⓜबीस मिली रस आँवला, हल्दी हो एक ग्राम,
सर्दी कफ तकलीफ में, फ़ौरन हो आराम..
२५Ⓜनीबू बेसन जल शहद, मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने, बेहतर यही उपाय..
२६.Ⓜमधु का सेवन जो करे, सुख पावेगा सोय,
कंठ सुरीला साथ में, वाणी मधुरिम होय.
२७.Ⓜपीता थोड़ी छाछ जो, भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की, चेहरे पर हो ओज..
२८Ⓜठण्ड अगर लग जाय जो नहीं बने कुछ काम, नियमित पी लें गुनगुना, पानी दे आराम..
२९Ⓜकफ से पीड़ित हो अगर, खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें, कफ तब बाहर आय..
३०Ⓜअजवाइन लें छाछ संग, मात्रा पाँच गिराम, कीट पेट के नष्ट हों, जल्दी हो आराम..
३१Ⓜछाछ हींग सेंधा नमक, दूर करे सब रोग,
जीरा उसमें डालकर, पियें सदा यह भोग..।

सुंदरकाण्ड से जुड़ी 5 अहम बातें

सुंदरकाण्ड से जुड़ी 5 अहम बातें जो
कोई नहीं जानता
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1. सुंदरकाण्ड का नाम सुंदरकाण्ड क्यों
रखा गया?
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हनुमानजी, सीताजी की खोज में लंका
गए थे और लंका त्रिकुटाचल पर्वत पर
बसी हुई थी। त्रिकुटाचल पर्वत यानी
यहां 3 पर्वत थे। पहला सुबैल पर्वत, जहां
के मैदान में युद्ध हुआ था।
दूसरा नील पर्वत, जहां राक्षसों के महल
बसे हुए थे और तीसरे पर्वत का नाम है
सुंदर पर्वत, जहां अशोक वाटिका
निर्मित थी। इसी अशोक वाटिका में
हनुमानजी और सीताजी की भेंट हुई
थी। इस काण्ड की यही सबसे प्रमुख
घटना थी, इसलिए इसका नाम
सुंदरकाण्ड रखा गया है।
2. शुभ अवसरों पर ही सुंदरकांड का
पाठ क्यों?
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शुभ अवसरों पर गोस्वामी तुलसीदास
द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के
सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। शुभ
कार्यों की शुरुआत से पहले सुंदरकांड का
पाठ करने का विशेष महत्व माना गया
है।
जब भी किसी व्यक्ति के जीवन में
ज्यादा परेशानियां हों, कोई काम
नहीं बन रहा हो, आत्मविश्वास की
कमी हो या कोई और समस्या हो,
सुंदरकांड के पाठ से शुभ फल प्राप्त होने
लग जाते हैं। कई ज्योतिषी और संत भी
विपरीत परिस्थितियों में सुंदरकांड
का पाठ करने की सलाह देते हैं।
3. जानिए सुंदरकांड का पाठ विशेष रूप
से क्यों किया जाता है?
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माना जाता है कि सुंदरकाण्ड के पाठ
से हनुमानजी प्रसन्न होते हैं। सुंदरकाण्ड
के पाठ से बजरंग बली की कृपा बहुत ही
जल्द प्राप्त हो जाती है।
जो लोग नियमित रूप से इसका पाठ
करते हैं, उनके सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस
काण्ड में हनुमानजी ने अपनी बुद्धि और
बल से सीता की खोज की है। इसी
वजह से सुंदरकाण्ड को हनुमानजी की
सफलता के लिए याद किया जाता है।
4. सुंदरकांड से मिलता है
मनोवैज्ञानिक लाभ
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वास्तव में श्रीरामचरितमानस के
सुंदरकांड की कथा सबसे अलग है। संपूर्ण
श्रीरामचरितमानस भगवान श्रीराम के
गुणों और उनके पुरुषार्थ को दर्शाती है।
सुंदरकांड एकमात्र ऐसा अध्याय है जो
श्रीराम के भक्त हनुमान की विजय का
कांड है।
मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखा जाए
तो यह आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति
बढ़ाने वाला कांड है। सुंदरकांड के पाठ
से व्यक्ति को मानसिक शक्ति प्राप्त
होती है। किसी भी कार्य को पूर्ण
करने के लिए आत्मविश्वास मिलता है।
5. सुंदरकाण्ड से मिलता है धार्मिक
लाभ
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सुंदरकांड के लाभ से मिलता है धार्मिक
लाभ हनुमानजी की पूजा सभी
मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली
मानी गई है। बजरंग बली बहुत जल्दी
प्रसन्न होने वाले देवता हैं। शास्त्रों में
इनकी कृपा पाने के कई उपाय बताए गए
हैं, इन्हीं उपायों में से एक उपाय
सुंदरकांड का पाठ करना है। सुंदरकांड के
पाठ से हनुमानजी के साथ ही श्रीराम
की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
किसी भी प्रकार की परेशानी हो,
सुंदरकांड के पाठ से दूर हो जाती है। यह
एक श्रेष्ठ और सबसे सरल उपाय है। इसी
वजह से काफी लोग सुंदरकांड का पाठ
नियमित रूप करते हैं।
हनुमानजी जो कि वानर थे, वे समुद्र
को लांघकर लंका पहुंच गए और वहां
सीता की खोज की। लंका को
जलाया और सीता का संदेश लेकर
श्रीराम के पास लौट आए। यह एक भक्त
की जीत का कांड है, जो अपनी
इच्छाशक्ति के बल पर इतना बड़ा
चमत्कार कर सकता है। सुंदरकांड में
जीवन की सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र
भी दिए गए हैं। इसलिए पूरी रामायण में
सुंदरकांड को सबसे श्रेष्ठ माना जाता
है, क्योंकि यह व्यक्ति में आत्मविश्वास
बढ़ाता है। इसी वजह से सुंदरकांड का
पाठ विशेष रूप से किया जाता है।
     जय श्री राम

हृदयविकार आणि त्यासंबंधी घ्यावयाच्या उपायांसंदर्भात मार्गदर्शन. हृदयाची काळजी कशी घ्यावी

बंगळुरू येथील प्रसिद्ध नारायणा हृदयालय रुग्णालयाचे प्रमुख डॉ. देवी शेट्टी यांच्याशी विप्रो येथील कर्मचार्‍यांनी हृदयविकार आणि त्यासंबंधी घ्यावयाच्या उपायांसंदर्भात केलेले मार्गदर्शन.

प्र. - हृदयाची काळजी कशी घ्यावी?
उ. - १) योग्य खान-पान, कमी कार्बोहाड्रेटस, जास्त प्रोटीन आणि कमी तेल.
२) आठवड्यातून किमान अर्धा तास चालणे, लिफ्टचा वापर न करणे, एका ठिकाणी जास्त वेळ बसू नये.
३) स्मोकिंग बंद करावी.
४) वजन नियंत्रणात ठेवणे.
५) बी. पी. (ब्लडप्रेशर) आणि शुगर नियंत्रणात ठेवणे.

प्र. - नॉनव्हेजमध्ये मासे हृदयासाठी चांगले असतात का?
उ. - नाही

प्र. - एखाद्या तंदरुस्त व्यक्तीला अचानक हृदयविकाराचा झटका का येतो?
उ. याला सायलेंट अटॅक म्हणतात. त्यामुळे वय वर्षे ३० नंतर नियमित चेकअप करावे.

प्र. - हृदयविकार हा अनुवंशिक आजार आहे का?
उ. - होय!

प्र. - हृदयावरील तणाव कमी करण्यासाठी काय केले पाहिजे.
उ. - आयुष्याकडे पाहण्याचा दृष्टिकोन बदलायला हवा. प्रत्येक गोष्ट मिळालीच पाहिजे असा अट्टाहास करू नये.

प्र. -  चालणे चांगले की जॉगिंग? जिममध्ये व्यायाम केल्यास हृदयासाठी चांगले असते का?
उ. - चालणे कधीही चांगलेच. जॉगिंंगमुळे शरीराच्या जॉईंट्सना इजा पोहोचू शकते.

प्र. - कमी रक्तदाब असलेल्या व्यक्तींना हृदयविकार होतो का?
उ. - शक्यता फारच कमी.

प्र. - कोलेस्ट्रॉल वाढण्याची प्रक्रिया कधी होते. ३० वर्षांनंतर कोलेस्ट्रॉलची काळजी घ्यावी का?
उ. - शरीरात लहानपणापासूनच कोलेस्ट्रॉल असते.

प्र. - अनियमित खाण्यामुळे हृदयावर काय परिणाम होतो.
उ. - अनियमित खात असा आणि त्यातही जंकफूड असेल तर पचनसंस्थेमध्येच गडबड होते.

प्र. - औषध न घेता कोलेस्ट्रॉल कसा नियंत्रणात आणावा?
उ. - खाण्यावर नियंत्रण, नियमित चालणे आणि आक्रोड खाणे.

प्र. - हृदयासाठी कोणते अन्न चांगले आणि वाईट आहे?
उ. - फळे आणि भाज्या हृदयासाठी चांगल्या. तेल सर्वांत वाईट.

प्र. - कोणते तेल चांगले? सूर्यफूल, शेंगदाणा, सोयाबीन, ऑलिव्ह ऑईल?
उ. - सवर्च तेल वाईट.

प्र. - नियमित वैद्यकीय तपासणी म्हणजे काय?
उ. - वय वर्षे ३० नंतर सहा महिन्यांतून एकदा रक्त तपास करवी, शुगर आणि कोलेस्ट्रॉल, बी.पी. चेक करावा. डॉक्टरांच्या सल्ल्याने ट्रेड मील आणि इको टेस्ट करावी.

प्र. - हृदयविकाराचा झटका आल्यानंतर प्रथमोपचार काय करावेत?
उ. - त्या रुग्णाला तत्काळ झोपवावे, त्याच्या जिभेखालच्या बाजूला ऍस्पिरीन किंवा सॉरबिट्रेट ही गोळी ठेवावी. वेळ न दवडता आणि ऍम्ब्युलन्सची वाट न पाहता जवळच्या हृदयविकार रुग्णालयात तत्काळ घेऊन जावे. बहुतांशी मृत्यू पहिल्या एक तासात होतात.

प्र. - ऍसिडीटी, गॅसेसमुळे छातीत होणारी जळजळ आणि हृदयविकाराचा त्रास हे कसे ओळखावेत?
उ. - डॉक्टरांकडे जाऊन ई.सी.जी. केल्याशिवाय हे समजणे कठीण आहे.

प्र. - तरुणांमध्ये ३० ते ४० वर्षांच्या आत हृदयविकाराचा झटका येण्याचे प्रमाण का वाढले आहे?
उ. - चुकीची लाईफस्टाईल, स्मोकिंग, जंकफूड, व्यायामाचा अभाव यामुळे अमेरिका आणि युरोपपेक्षा तीनपट जास्तm हृदयविकाराचे रुग्ण India  आहेत.

प्र. - अनेकांचे जीवनमान दगदगीचे आहे. अनेकांना रात्रपाळी करावी लागते. त्याचा परिणाम हृदयावर होतो का?
उ. - जेव्हा तुम्ही तरुण असता तेव्हा निसर्ग रक्षण करीत असतो. परंतु जसजसे वय वाढत जाते, तसा शरीरराचाही आपण आदर केला पाहिजे. यात बदल हवा.

प्र. - जवळच्या नातेवाईकांमध्ये लग्न केल्यामुळे जन्मलेल्या मुलाला हृदयाचा काही आजार असू शकतो का?
उ. - होय! काही प्रमाणात मुलांमध्ये ही लक्षणे दिसू शकतात.

प्र. - उच्च रक्तदाब म्हणजे बी. पी. (ब्लडप्रेशर) नियंत्रित ठेवण्यासाठी घेण्यात येणार्‍या औषधांचे साईड इफेक्ट दिसतात का?
उ. - होय! अनेक औषधांचे साईड इफेक्ट असतात. मात्र, सध्या अनेक सुधारणा झाल्यामुळे आधुनिक औषधे अधिक चांगली आहेत.

प्र. - जास्त चहा, कॉफी घेतल्यामुळे हार्टऍटॅक येतो का?
उ. - नाही!

प्र. - अस्थमाचा आजार आणि हृदयविकाराचा काही संबंध आहे का?
उ. - नाही!

प्र. - केळी खाल्ल्यामुळे बी. पी. नियंत्रणात येतो का?
उ. - नाही!

प्र. - जंकफूड म्हणजे काय?
उ. - फ्राईड केलेेले मॅकडोनल्डस आणि तत्सम ठिकाणी बनविले जाणारे अन्न, समोसा आणि मसाला डोसाही.

प्र. - नियमित चालण्यासाठी वेळ मिळाला नाही आणि एकाच जागी खूप वेळ बसून काम करावे लागत असेल तर काय करावे?
उ. - एकाच जागी तासाभरापेक्षा जास्त वेळ बसू नये. जागेवरच थोडा वेळ उभे राहावे किंवा एका खुर्चीवरून दुसर्‍या खुर्चीवर बसले तरीही चालते, पण आठवड्यातून पाच दिवस किमान अर्धा तास चालल्यास उत्तमच!

टीप : मित्रांनो, आजपर्यंत आपण विनोद, वात्रटिका, कविता, शेरोशायरी तसेच काही पांचट विनोद वाचून हसून मजा केली;
परंतु आपल्या स्वत:च्या शरीराबद्दल आपण कधीच विचार केला नाही.
तरी हा मेसेज वाचताना तुमचे पाच ते दहा मिनिटे नक्कीच गेले असतील.
परंतु हा मेसेज वाचल्यामुळे माझ्या मित्रांनाच काय, सर्वांनाच याचा फायदा होईल.कारन सद्या तरुण वयातच  हृदयवीकाराने मरण पावनाऱ्यांची संख्या वाढत आहे त्यामुळे आपण काळजी घेतलेली बरी

 जीवन अमूल्य आहे.

जीवनोपयोगी : घरेलु नुस्खे

         जीवनोपयोगी

1.  सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए

    उत्तर -     हल्का गर्म

2.  पानी पीने का क्या तरीका होता है

    उत्तर -    सिप सिप करके व नीचे बैठ कर

3.  खाना कितनी बार चबाना चाहिए

     उत्तर. -    32 बार

4.  पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए

     उत्तर. -     सुबह

5.  सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए

     उत्तर. -    सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

6.  सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए
    
     उत्तर. -     जूस

7.  दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

    उत्तर. -     लस्सी / छाछ

8.  रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

    उत्तर. -     दूध

9.  खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए

    उत्तर. -     रात को

10. लस्सी खाने के साथ कब पीनी चाहिए

      उत्तर. -      दोपहर को

11. खाने के साथ जूस कब लिया जा सकता है

      उत्तर. -      सुबह

12. खाने के साथ दूध कब ले सकते है

      उत्तर. -      रात को

13. आईसक्रीम कब कहानी चाहिए

       उत्तर. -      कभी नही

14. फ्रिज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद
      खानी चाहिए

      उत्तर. -    1 घण्टे बाद

१५. क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए

       उत्तर. -      नहीं

16. बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा
      लेना चाहिए

      उत्तर. -     40 मिनट

17. रात को कितना खाना खाना चाहिए

       उत्तर. -    न के बराबर

18. रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए

      उत्तर. -     सूरज छिपने से पहले

19. पानी खाना खाने से कितने समय पहले
      पी सकते हैं

      उत्तर. -     48 मिनट

20. क्या रात को लस्सी पी सकते हैं

     उत्तर. -     नही

21. सुबह खाने के बाद क्या करना चाहिए

       उत्तर. -     काम

22. दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना
       चाहिए

       उत्तर. -     आराम

23. रात को खाना खाने के बाद क्या करना
      चाहिए

      उत्तर. -    500 कदम चलना चाहिए

24. खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना
      चाहिए

      उत्तर. -     वज्र आसन

25. खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर
      करना चाहिए.
    
      उत्तर. -     5 -10 मिनट

26. सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए

      उत्तर. -     मुंह की लार

27. रात को किस समय तक सो जाना चाहिए

      उत्तर. -     9 - 10 बजे तक

28. तीन जहर के नाम बताओ

      उत्तर.-    चीनी , मैदा , सफेद नमक

29. दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना
      चाहिए

      उत्तर. -     अजवायन

30. क्या रात को सलाद खानी चाहिए

      उत्तर. -     नहीं

31. खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए

      उत्तर. -     नीचे बैठकर व खूब चबाकर

32. क्या विदेशी समान खरीदना चाहिए

      उत्तर. -     कभी नही

33. चाय कब पीनी चाहिए

      उत्तर. -     कभी नहीं

33. दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए

      उत्तर. -    हल्दी

34. दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए

      उत्तर. -    कैंसर ना हो इसलिए

35. कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है

      उत्तर. -   आयुर्वेद

36. सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए

      उत्तर. -   अक्टूबर से मार्च (सर्दियों मे)

37. ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए

      उत्तर. -    जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु)

38. मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए

      उत्तर. -  मार्च से जून (गर्मियों में)

39. सुबह का पानी कितना पीना चाहिए

      उत्तर. -  कम से कम 2 - 3 गिलास

40. सुबह कब उठना चाहिए

       उत्तर. -  सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले

HIGH BP की बीमारी के लिए दवा

HIGH BP की बीमारी के लिए दवा

आयुर्वेद के अनुसार high BP की बीमारी ठीक करने के लिए घर में उपलब्ध कुछ आयुर्वेदिक दबाईया है जो आप ले सकते है ।
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💢एक बहुत अच्छी दवा है आप के घर में है वो हैदालचीनीजो मसाले के रूप में उपयोग होता है वो आप पत्थर में पिस कर पावडर बनाके आधा चम्मच रोज सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ खाइए ; अगर थोडा खर्च कर सकते है तो दालचीनी को शहद के साथ लीजिये (आधा चम्मच शहद आधा चम्मच दालचीनी) गरम पानी के साथ, ये हाई BP के लिए बहुत अच्छी दवा है ।
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💢एक और अच्छी दवा है हाई BP के लिए वो हैअर्जुन की छाल। अर्जुन एक वृक्ष होती है उसकी छाल को धुप में सुखा कर पत्थर में पिस के इसका पावडर बना लीजिये । आधा चम्मच पावडर, एक ग्लास गरम पानी में मिलाकर उबाल ले, और खूब उबालने के बाद इसको चाय की तरह पिले । ये हाई BP को ठीक करेगा, CHOLESTEROLको ठीक करेगा,TRIGLYCERIDEको ठीक करेगा, मोटापा कम करता है , हार्ट मेंARTERIESमें अगर कोईब्लोकेज है तो वो ब्लोकेज को भी निकाल देता है ये अर्जुन की छाल । डॉक्टर अक्सर ये कहते है न की दिल कमजोर है आपका; अगर दिल कमजोर हैतो आप जरुर अर्जुन की छाल लीजिये हर दिन , दिल बहुत मजबूत हो जायेगा आपका; आपकाESRठीक होगा,ejection fractionभी ठीक हो जायेगा; बहुत अछि दावा है ये अर्जुन की छाल ।
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💢या आप इस तरह भी अर्जुन और दाल चीनी को एक साथ इस्तेमाल कर सकते है, एक चम्मच अर्जुन की छाल का चूर्ण और आधा चम्मच दाल चीनी का चूर्ण एक गिलास पानी में आधा रहने तक उबाले और फिर छान कर चाय की तरह सोने से पहले पी ले।
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💢और एक अच्छी दवा है जो आप ले सकते है पर दोनों में से कोई एक । दूसरी दवा हैमेथी दाना, मेथी दाना आधा चम्मच लीजिये एक ग्लास गरम पानी में और रात को भिगो दीजिये, रात भर पड़ा रहने दीजिये पानी में और सुबह उठ कर पानी को पि लीजिये और मेथी दाने को चबा के खा लीजिये । ये बहुत जल्दी आपकीHIGH BPकम कर देगा, देड से दो महीने में एकदम स्वाभाविक कर देगा ।
🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃
💢और एक अछि दवा है हमारे घर में वो हैलौकी कारस। एक कप लौकी का रस रोज पीना सबेरे खाली पेट नास्ता करने से एक घंटे पहले ; और इस लौकी की रस में पांचधनिया पत्ता, पांचपुदीना पत्ता, पांचतुलसी पत्तामिलाके, चारकाली मिर्चपिस के ये सब डाल के पीना .. ये बहुत अच्छा आपके BP ठीक करेगा और ये ह्रदय को भी बहुत व्यवस्थित कर देता है ,कोलेस्ट्रोलको ठीक रखेगा,डाईबेटिसमें भी काम आता है ।
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💢और एक मुफ्त की दवा है ,बेल पत्र की पत्ते–येउच्च रक्तचापमें बहुत काम आते है । पांच बेल पत्र ले कर पत्थर में पिस कर उसकी चटनी बनाइये अब इस चटनी को एक ग्लास पानी में डालकर खूब गरम कर लीजिये , इतना गरम करिए के पानी आधा हो जाये , फिर उसको ठंडा करके पि लीजिये । ये सबसे जल्दी उच्च रक्तचाप को ठीककरता है और ये बेलपत्र आपकेSUGAR को भी सामान्य कर देगा । जिनकोउच्च रक्तचापऔर SUGAR दोनों है उनके लिए बेल पत्र सबसे अछि दवा है ।
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💢और एक मुफ्त की दावा है हाई BP के लिए –देशी गाय की मूत्रपीये आधा कप रोज सुबह खाली पेट ये बहुत जल्दी हाई BP को ठीक कर देता है । और ये गोमूत्र बहुत अद्भूत है , येHIGH BPको भी ठीक करता है औरLOW BPकोभी ठीक कर देता है – दोनों में काम आता है और येही गोमूत्रडाईबेटिसको भी ठीक कर देताहै ,Arthritis , Gout (गठिया)दोनों ठीक होते है । अगर आप गोमूत्र लगातार पि रहे है तोदमाभी ठीक होता हैअस्थमाभी ठीक होता है,Tuberculosisभी ठीक हो जाती है । इसमें दो सावधानिया ध्यान रखने की है के गायसुद्धरूप से देशी हो और वो गर्भावस्था में नहो ।

बहुत ही चमत्कारी दवा: मैथीदाना, अजवाईन, काली जीरी

बहुत ही चमत्कारी दवा:
250 ग्राम मैथीदाना
100 ग्राम अजवाईन
50 ग्राम काली जीरी (ज्यादा जानकारी के लिए नीचे देखे)
उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं) तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर कांच की शीशी या बरनी में भर लेवें ।
रात्रि को सोते समय एक चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है। यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।
चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी(कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी । पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।
‘‘फायदे’’
1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शारीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से मुक्त होगें।
14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
17. नपुसंकता दूर होगी।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा । जिंदगी निरोग,आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगी । जीवन जीने योग्य बनेगा ।
कुछ लोग कलौंजी को काली जीरी समझ रहे है जो कि गल्त है काली जीरी अलग होती है जो आपको पंसारी/करियाणा की दुकान से मिल जाएगी जिसके नाम इस तरह से है
हिन्दी कालीजीरी, करजीरा।
संस्कृत अरण्यजीरक, कटुजीरक, बृहस्पाती।
मराठी कडूकारेलें, कडूजीरें।
गुजराती कडबुंजीरू, कालीजीरी।
बंगाली बनजीरा।
अंग्रेजी पर्पल फ्लीबेन।
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